पूजा
गृह प्रवेश और वास्तु शांति
नए या नवनिर्मित घर में पहली बार प्रवेश का संस्कार।
कब
मुहूर्त अपने आचार्य से; प्रायः शुभ वार और लग्न देखकर।
गृह प्रवेश में वास्तु शांति, गणेश पूजा, हवन और कलश यात्रा का समावेश अक्सर होता है। कई घरों में दूध उबालकर घर की समृद्धि की कामना की जाती है, और दहलीज दाएँ पैर से लाँघी जाती है। ये रूप क्षेत्र से बदलते हैं।
नया मकान हो या वर्षों बाद खोला गया पुराना घर — दोनों में प्रवेश एक संकल्प है कि यह स्थान शांति से बसे। वास्तु के नाम पर डर का व्यापार न करें। जो दोष बताया जाए, उसे अपने कुल के आचार्य से परखें।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।