लोक संस्कृति
क्षेत्र की जीवित स्मृति
घूमर, दुर्गा पूजा, वारी, कोलम, ओणम, बिहू, गरबा और रामलीला। भारत एकस्वर नहीं है। स्थानीय रूप को ही सम्मान दें।
- ०१ राजस्थान का घूमर गोलाकार लोकनृत्य — उत्सव, अतिथि और स्त्रियों की अपनी सभा।
- ०२ बंगाल की दुर्गा पूजा देवी का आगमन, पड़ोस का पंडाल, और दशमी का विसर्जन।
- ०३ वारकरी और अभंग पंढरपुर तक चलना, और संतों के अभंग गाते जाना।
- ०४ कोलम और मार्गशी भोर में आँगन का कोलम, और मार्गशी मास का संगीत।
- ०५ ओणम कटाई का पर्व — पूक्कलम, सद्या और नाव।
- ०६ बिहू असम के तीन बिहू — बोहाग, माघ और काटी।
- ०७ गरबा नवरात्रि में दीप के चारों ओर घूमता सामुदायिक नृत्य।
- ०८ अवध की रामलीला रामचरित का लोकमंच। रामनगर की लीला महीने भर चलती है।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।