संस्कृति
बिहू
असम के तीन बिहू — बोहाग, माघ और काटी।
कब
बोहाग वैशाख में, माघ संक्रांति पर, काटी कार्तिक के आसपास।
क्षेत्र
असम
बिहू एक नहीं, तीन हैं। बोहाग या रोंगाली बिहू वसंत और नया वर्ष है — हुसोरी गाने वाले दरवाज़े पर आते हैं। माघ या भोगाली बिहू फसल और भोजन का है। काटी या कोंगाली बिहू संयम का, जब धान खेत में होता है और घर संयत रहता है।
ढोल, पेपा और गाँव का नृत्य मंच से पुराना है। बच्चों को तीनों के अंतर सिखाएँ, केवल एक नृत्य नहीं। ब्रह्मपुत्र की घाटी की यह लय पूर्वोत्तर की अनेक संस्कृतियों में से एक है।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।