संस्कृति
राजस्थान का घूमर
गोलाकार लोकनृत्य — उत्सव, अतिथि और स्त्रियों की अपनी सभा।
कब
शादी, तीज और घर के उत्सव।
क्षेत्र
राजस्थान
घूमर घूमकर नाचा जाता है। घाघरा का चक्र और गीत साथ चलते हैं। यह पूरे राजस्थान की एक ही चीज़ नहीं — मारवाड़, मेवाड़ और शेखावाटी में रूप बदलता है। कालबेलिया दूसरी लोक परंपरा है। दोनों को एक कार्ड की तरह न छापें।
मंच पर घूमर देखने और घर की शादी में घूमर नाचने में फर्क है। प्रतिष्ठान दूसरा रूप याद रखता है। जो परिवार विदेश में तीज मनाते हैं, वे गीत और घुमाव से बच्चों को क्षेत्र की भाषा दे सकते हैं।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।