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संस्कृति

अवध की रामलीला

रामचरित का लोकमंच। रामनगर की लीला महीने भर चलती है।

कब आश्विन की दशहरा ऋतु। रामनगर में भाद्रपद से आगे तक।
क्षेत्र अवध

रामलीला वह परंपरा है जिसमें गाँव और नगर मिलकर रामायण खेलते हैं। रामनगर, वाराणसी के सामने, इसकी लंबी लीला के लिए प्रसिद्ध है। यूनेस्को ने रामलीला को अमूर्त विरासत में दर्ज किया है। यह दर्शक खेल नहीं। दर्शक भी नगर के लोग हैं, और राम उन्हीं में से चुने जाते हैं।

कजरी सावन की, और चैती वसंत की गायकी अवध की और स्मृति है। लीला देखने जाएँ तो मंच के साथ-साथ भीड़ की मर्यादा भी सीखें। बच्चों को एक प्रसंग पूरा दिखाएँ — अर्ध दृश्य से कथा नहीं बनती।

यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।

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