पूजा
गणेश पूजा
हर शुभ काम से पहले विघ्नहर्ता का स्मरण।
कब
संकल्प के दिन, चतुर्थी, या किसी नए काम की सुबह।
गणेश पूजा घर का सबसे सीधा विधान है। दीप, दुर्वा, मोदक या लड्डू, और एक छोटा संकल्प। विवाह, गृह प्रवेश, विद्यारम्भ और व्यापार के आरंभ में गणेश पहले आते हैं। भाद्रपद की चतुर्थी पर सार्वजनिक गणेशोत्सव अलग उत्सव है। यह पृष्ठ रोजमर्रा की घरेलू पूजा का है।
बच्चे इस पूजा को आसानी से सीखते हैं। विदेश के घर में भी दुर्वा न मिले तो घास का एक शुभ तिनका और साफ़ जल पर्याप्त है। सामग्री की कमी आस्था की कमी नहीं।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।