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संस्कार

सीमन्तोन्नयन

गर्भ के उत्तरार्ध में माता के मन को प्रसन्न और निर्भय रखने का संस्कार।

कब गर्भ के छठे या आठवें मास के आसपास।

सीमन्तोन्नयन में माँग सँवारने, शुभ गीत और अच्छे वचन का स्थान है। मान्यता यह है कि माता का मन जैसा होगा, गर्भ का वातावरण भी वैसा रहेगा। इसलिए डर और उदासी को जानकर हटाया जाता है, छुपाया नहीं।

क्षेत्र के अनुसार फूल, संगीत और स्त्रियों का साथ बदलता है। कहीं इसे सीमंत कहते हैं, कहीं साध। रूप अपना रखें। अर्थ एक है — माता का सम्मान।

यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।

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