तीर्थ
काशी
गंगा के तट पर बसी नगरी, जहाँ शिव और मृत्यु दोनों का संस्कार है।
कब
वर्ष भर। गर्मी में दिन कठिन होते हैं।
क्षेत्र
उत्तर प्रदेश
काशी केवल दर्शन की सूची नहीं है। गंगा स्नान, विश्वनाथ, दशाश्वमेध की आरती और गलियों का रोजमर्रा जीवन एक साथ चलते हैं। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट मृत्यु को छुपाते नहीं। यात्री को शांत रहना चाहिए, कैमरा उठाकर शोक में न घुसना चाहिए।
सुबह का स्नान और सायं आरती यात्रा के दो स्थिर बिंदु हैं। भीड़ में बुजुर्गों के लिए नाव और विश्राम पहले सोच लें। काशी में खो जाना भी यात्रा का हिस्सा है — नक्शा रखें, पर हर मोड़ को कार्यक्रम न बनाएँ।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।