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संस्कार

पुंसवन

गर्भ के आरंभ में माता और शिशु के स्वास्थ्य का संस्कार।

कब गर्भ के तीसरे या चौथे मास के आसपास।

पुंसवन गर्भस्थ शिशु की स्थिरता और माता की देखभाल को परिवार का सामूहिक संकल्प बनाता है। नाम चाहे जितना पुराना हो, भाव देखभाल का है — माता का आहार, विश्राम और मन।

कई घरों में आज यह अलग अनुष्ठान नहीं रहता, बल्कि गर्भ के अन्य संस्कारों में मिल जाता है। जहाँ रखा जाता है, वहाँ वैद्य और पुरोहित दोनों की सलाह साथ चलती है। यह पृष्ठ चिकित्सा-सलाह नहीं है।

यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।

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