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तीर्थ

द्वारका

पश्चिम का धाम, कृष्ण की नगरी, गोमती संगम।

कब वर्ष भर। जन्माष्टमी पर विशेष भीड़।
क्षेत्र गुजरात

द्वारकाधीश मंदिर और गोमती-सागर का संगम यात्रा के केंद्र हैं। पास ही बेत द्वारका नाव से जाई जाती है, मौसम और ज्वार देखकर। कृष्ण की कथा यहाँ वास्तुकला और समुद्र दोनों में है।

गुजरात की यात्रा में द्वारका, नागेश्वर और सोमनाथ को एक सूत्र में जोड़ा जाता है। हर स्थान को आधा घंटा न समझें। एक धाम को पूरा समय दें, फिर आगे बढ़ें।

यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।

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