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तीर्थ

बदरीनाथ

हिमालय का बदरी धाम। शीत में कपाट बंद रहते हैं।

कब प्रायः मई से नवम्बर। सटीक तिथि हर वर्ष निकलती है।
क्षेत्र उत्तराखंड

बदरीनाथ अलकनंदा के तट पर है। सर्दी में विग्रह जोशीमठ लाया जाता है, इसलिए कपाट बंद होने के बाद दर्शन वहीं होते हैं। यात्रा ऊँचाई पर है। साँस की बीमारी, छोटे बच्चे और बुजुर्गों की तैयारी डॉक्टर से पूछकर करें।

रास्ते में पांडुकेश्वर और जोशीमठ रुकने के ठौर हैं। दर्शन की पंक्ति पर्व पर लंबी होती है। गर्म कपड़े और एक अतिरिक्त दिन विश्राम के लिए रखें। जल्दी में पहाड़ नहीं कटते।

यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।

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