तीर्थ
प्रयागराज
गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी।
कब
माघ मेला प्रति वर्ष। कुंभ निश्चित वर्षों में।
क्षेत्र
उत्तर प्रदेश
प्रयागराज का स्नान त्रिवेणी संगम पर होता है। माघ में तट शिविर बन जाता है। कुंभ के वर्ष में भीड़ देश भर से आती है, इसलिए यात्रा को साहसिक कार्यक्रम की तरह तैयार करें — पहचान-पत्र, दवाई और मिलने का ठिकाना पहले लिख लें।
संगम नाव से जाना आम है। नाव का भाव और सुरक्षा दोनों पूछें। स्नान के बाद शरीर पोंछकर, भीड़ में अलग न हों। प्रयाग दान और संयम का तीर्थ भी माना गया है। केवल स्नान की फोटो यात्रा पूरा नहीं करती।
यह सामान्य परिचय है। क्रम, सामग्री और मुहूर्त कुल, क्षेत्र और शाखा के अनुसार बदलते हैं। अपने पुरोहित और अपनी रीति को अंतिम मानें।